बाजार में आ गई सेना की मदद से बनी कोरोना की सबसे कारगर दवा

हैदराबाद की रेड्डीज लैबोरटरी ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए सेना  की मदद से विकसित  दवा 2-डीऑक्सी-डी-ग्लूकोज (2-DG) को बाजार में उतार दिया है।

इस दवा को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंसेज , डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और डॉ रेड्डीज लेबोरेटरीज ने मिलकर तैयार किया है।

यह दवा देश भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी।

 कंपनी द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक पहले इसे मेट्रो और टियर-1  के शहरों में उपलब्ध कराया जाएगा और इसके बाद इसे देश के अन्य हिस्सों में भी भेजा जाएगा।

इस दवा के एक सैशे की कीमत 990 रुपये तय की गई है लेकिन सरकारी अस्पतालों के लिए यह कम दाम पर उपलब्ध होगी।

-डीजी को जेनेरिक मॉलिक्यूल के तौर पर तैयार किया गया है जिसमें ग्लूकोज के गुण हैं. यह दवा शरीर में कोरोन वायरस से संक्रमित कोशिका में जाती है और फिर उस वायरस को अन्य कोशिका पर आक्रमण करने से रोकती है. यह दवा वायरस के वायरल सिंथेसिस और एनर्जी प्रोडक्शन को कम कर देती है जिससे यह अधिक तेजी से नहीं बढ़ पाता और कोरोना संक्रमितों को सप्लीमेंट ऑक्सीजन की अधिक जरूरत नहीं रह जाती है और उसे तेज रिकवरी होती है.


शुरुआती परीक्षण में पिछले साल  मई और अक्टूबर के बीच छह अस्पतालों के 110 मरीजों पर इसे जांचा और फिर मार्च 2021 में 27 कोविड हॉस्पिटल्स के 220 मरीजों पर इसका अंतिम ट्रॉयल किया गया।

ट्रायल के डेटा के मुताबिक इस दवा का उपयोग सुरक्षित है और कोरोना संक्रमितों में तेज रिकवरी होती है और ग्लूकोज की तरह दिखने वाली यह दवा वायरस को बढ़ने ही नहीं देती।

लेकिन यह दवा सिर्फ गंभीर मरीजों के लिए है और इसे डॉक्टरों की निगरानी में ही प्रयोग किया जा सकता है।