बालिगों को किसी भी धर्म का जीवन साथी चुनने की छूट: इलाहाबाद हाईकोर्ट

उत्तर प्रदेश के लव जिहाद कानून का जिक्र किए बिना इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि कानूनन दो बालिगों को किसी भी धर्म से जीवन साथी चुनने का पूरा अधिकार है।

जस्टिस दीपक वर्मा और जस्टिस मनोज कुमार की खंडपीठ ने एक महिला शिफा हुसैन और एक अन्य के मामले में फैसला सुनाते हुए यह व्यवस्था दी।

इस मामले में लड़की की हाई स्कूल सर्टिफिकेट के अनुसार उन्नीस साल की उम्र है जबकि लड़के की इक्कीस साल की उम्र है और वो हिंदू है।

लड़की धर्म परिवर्तन करके हिंदू बनना चाहती है जो उसके पिता को मंजूर नहीं है और उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।

अदालत ने फैसले में साफ किया है कि वो उम्र पर कोई फैसला नहीं दे रही पर पुलिस यह जरूर सुनिश्चित करे कि बालिगों को जीवन साथी चुनने का अधिकार कायम रहे और इसमें धर्म के आधार पर कोई बाधा ना डालने पाए।

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