खाली स्टेडियम में मार्च पास्ट के साथ टोक्यो ओलंपिक शुरू

कोरोना के साए में हो रहे ३२ वां टोक्यो ओलंपिक अब तक का ऐसा एकमात्र ओलंपिक है जहां खिलाड़ी तो जान लगाकर प्रदर्शन करेंगे पर उन्हें देखने और सराहने के लिए कोई दर्शक मौजूद नहीं होगा।

महामारी की वजह से ये ओलंपिक वैसे ही एक साल देरी से हो रहे हैं पर टोक्यो लोग अभी भी इस खेल महापर्व के आयोजन के पक्ष में नहीं हैं और उदघाटन समारोह के मौके पर भी टोक्यो निवासियों ने उस स्टेडियम के बाहर प्रदर्शन किया जहां समारोह होना था कयोंकि टोक्यो एक हफ्ते पहले तक कोरोना की बंदिशों में था और लोगों को लगता है कि खेल महापर्व के बाद जापान बीमारी की चपेट में बुरी तरह आ जायेगा।

बहरहाल आज हुए शुरुआती समारोह में कुल एक हजार खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट में भाग लिया और इसमें २५ सदस्यों का भारतीय दल शामिल है जो परेड में २१ वें नंबर पर आया।

एहतियाती कदमों के तहत जापान की ओलंपिक समिति ने तय किया है कि इस बार खेल गांव में सभी खिलाड़ियों को एक साथ जाने नहीं दिया जाएगा और प्रतियोगिता होने पर किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ पांच दिन ही खेल गांव में रहने दिया जाएगा और प्रतियोगिता खत्म होते ही ४८ घंटो के भीतर खेल गांव छोड़ना होगा।

खिलाड़ी किसी भी स्थिति में न हाथ मिला सकेंगे ना गले लग सकेंगे और यहां तक कि विजेता को कोई मेडल भी नहीं पहनाएगा वह उसे खुद अपने गले में डालना होगा।

खिलाड़ी का ही रोज टेस्ट होगा और हर खिलाड़ी को अपनी कोरोना की स्थिति रोज एक साइट पर डालनी होगी और उसे हर टीम का कोरोना ऑफिसर देखेगा।