कांग्रेसी सरकारें गिराने में जासूसी साफ्टवेयर पेगासिस का इस्तेमाल ?

क्या मोदी सरकार ने कांग्रेस की राज्य सरकारें खासकर कर्नाटक की सरकार को बर्खास्त करने के लिए इसराइल के जासूसी सॉफ्टवेयर विकास इसका इस्तेमाल किया था?

कांग्रेस तो कम से कम यही मानती है और इसी लिहाज से उसमें सर्वोच्च न्यायालय से कर्नाटक सरकार बर्खास्त करने की स्थितियों का प्रकाश इसके खुलासे के बाद नए सिरे से जांच कराए जाने की मांग की है और वह भी शीर्ष अदालत की देखरेख में।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री की जानकारी में इस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर्नाटक , मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और गोवा की सरकारें गिराने के लिए किया है और इसीलिए मोदी सरकार संसद में इस पर बहस नहीं होने देना चाहती।  

गौरतलब है कि मई 2018 में बनी कांग्रेस-जेडीएस सरकार 14 महीने बाद जुलाई 2019 में सियासी घमासान के बाद छह वोटों से सदन गिर गई थी और भाजपा के 105 वोटों  के मुकाबले  कांग्रेस-जेडीएस  केवल 99 वोट हासिल पाए थे।

 कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि क्या पता  मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी इसका इस्तेमाल किया गया हो, इसलिए कांग्रेस पार्टी मांग कर रही है कि इस मामले की निष्पक्ष, स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए।

उधर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने भी ट्विटर पर लिखा है कि वह देश के पत्रकारों, नागरिको और नेताओं की इस कथित जासूसी से  हैरान है और क्योंकि से बनाने वाली एनएसओ कंपनी का दावा है कि वह सिर्फ सरकारों को ही अपना यह सॉफ्टवेयर देती है इसलिए इस जासूसी में सरकार की भागीदारी पर संदेश होना स्वाभाविक ही है।

गौरतलब है कि एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने खुलासा किया है कि इजराइली जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिये भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं सहित बड़ी संख्या में खास नागरिकों के 300 से अधिक मोबाइल नंबर  हैक किए जा सकते हैं।