यानि अब लोगों को कम रास आ रही है पीएम मोदी के मन की बात

पीएम नरेंद्र मोदी के  रेडियो पर प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम का 10 गुना घटा राजस्व क्या यह संकेत दे रहा है कि आप लोगों को मोदी के मन की बात रास नहीं आ रही?

यह तो तय है कि राजस्व का यह घटना सब बताता है कि लोग जिस शिद्दत से प्रधानमंत्री के मन की बात कुछ साल  पहले सुना करते थे वह स्थित अब नहीं रही।

मोदी सरकार के ही सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के अनुसार 2014 में जब मन की बात रेडियो पर पीएम ने शुरू किया था तब उसकी लोकप्रियता का आलम यह था कि अकेले कार्यक्रम से रेडियो को ₹30 करोड़ से ज्यादा का राजस्व विज्ञापन से मिला था लेकिन यह 3 साल में ही घटकर 10 करोड का रह गया और अब तो पूरे साल में यह सवा करोड़ रुपयों का आंकड़ा भी नही छू पा रहा है।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम को रेडियो के व्यापक नेटवर्क के साथ हैं 34 सरकारी दूरदर्शन चैनल लो और कुछ निजी टेलीविजन चैनलों पर भी प्रसारित किया जाता है और अब तक दवाई किए जाता रहा है यह देश में सबसे ज्यादा सुना जाने वाला कार्यक्रम है।