बकरीद खास है ममता बनर्जी के लिए: चलेंगी पीएम मोदी जैसा दांव

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी के लिए इस बार की बकरीद बहुत खास है जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजमाया हुआ दांव चलकर कई राज्यों में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करेंगी।

वैसे हर साल ममता बनर्जी बकरीद को शहीदी दिवस के तौर पर मनाती रही है और इस दिन का इस्तेमाल वह अपने मतदाताओं को विशेष संदेश देने के लिए करती रही है।

पश्चिम बंगाल में भाजपा को बड़ी पटसनी देने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी संभावनाएं तलाश रही ममता बनर्जी 21 जुलाई के दिन देश की अर्थव्यवस्था और मोदी सरकार की असफलताओं पर एक तरह से राष्ट्र को संबोधित करने का इरादा रखती है और इसीलिए उनके भाषण का बड़ा हिस्सा इस बार हिंदी में होगा जिसे हिंदी भाषी राज्यों के साथ-साथ दक्षिण के कई राज्यों में भी एक साथ स्क्रीन लगाकर प्रसारित करने की योजना है।

कुछ इसी तरह की रणनीति भाजपा ने भी 2014 के चुनावों में बनाई थी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण स्क्रीन लगाकर एक साथ कई कई जगहों पर जनता को सुनाया गया था।

उसी तौर-तरीकों को इस्तेमाल करते हुए ममता बनर्जी इस बार यूपी बिहार मध्य प्रदेश समेत हिंदी भाषी राज्यों पर विशेष ध्यान देते हुए अपने भाषण को प्रसारित करवाएंगे और इसके लिए तृणमूल कांग्रेस की आईटी कमेटी जोर शोर से काम कर रही है।

यूपी को लेकर ममता बनर्जी इस बार इस हद तक गंभीर है कि वह न सिर्फ बाकी विपक्षी पार्टियों से बातचीत करने के लिए तैयार हैं बल्कि मायावती से भी वह खुद मिलकर बात करेंगे और भाजपा के खिलाफ विपक्ष का एक बड़ा मंच तैयार करने की कोशिश करेंगी।