रिलायंस जू यानि किस्से ज्यादा जमीन पर काम कम

हर तरह के कारोबार में कामयाबी हासिल करने के बाद रिलायंस अब गुजरात में जामनगर की अपनी रिफायनरी के पास एक जू यानि प्राणी उद्यान खोलने की कोशिश पिछले तीन साल से कर रहे हैं पर रिलायंस के दूसरे प्रोजेक्ट्स की तरह उसकी यह परियोजना ना जाने क्यों वह रफ्तार नहीं पकड़ पा रही जो रिलायंस की पहचान हुआ करती है।

बहरहाल अब कहा जा रहा है कि यह जू अगले साल यानि २००२३ में शुरू हो जाएगा पर बड़े मीडिया घराने भी खुलने से पहले ही इस नए प्राणी उद्यान के महिमा मंडन में लग गए हैं और इसे कोई एशिया का सबसे बड़ा और कोई देश का सबसे बड़ा जू बताकर प्रचारित करने में लगा है।

जबकि सच्चाई यह है कि ना तो यह देश का पहला निजी क्षेत्र का प्राणी उद्यान है और ना ही सबसे बड़ा है।

सच्चाई यह है कि  300 एकड़ में फैला तिरुपति का श्री वेंकटेश्वरा जूलॉजिकल पार्क इससे कोई सौ एकड़ ज्यादा क्षेत्र में फैला है औरचेन्नई का अरिगनार अन्ना जूलॉजिकल पार्क, भुवनेश्वर का नंदनकानन बायोलॉजिकल पार्क, गुवाहाटी का आसाम स्टेट ज़ू कम बॉटेनिकल गार्डन, हैदराबाद का नेहरू जूलॉजिकल पार्क, विशाखापत्तनम में स्थित इंदिरा गांधी जूलॉजिकल पार्क और मैसूरु का जूलॉजिकल पार्क भी इससे कहीं बड़ा है।

दरअसल यह जू मुकेश अंबानी के बेटे अनंत का ड्रीम प्रोजेक्ट है और इसमें वो अफ्रीकी और एशियाई शेर सहित हर तरह का शेर और मैक्सिको के बाघ,  भौंकने वाले हिरण, पैंगोलिन, हिमालयी तहर, उल्लू, तीतर, जंगली सूअर, गैंडा, एशियाई हाथी, स्लॉथ बियर, मछली पकड़ने वाली बिल्ली, बंगाल टाइगर, सियार, कोमोडो ड्रैगन, बंगाल मॉनिटर लिज़ार्ड, वॉटर मॉनिटर लिज़ार्ड, एनाकोंडा सहित कोई सौ तरह के जानवर रखना चाहते हैं।

इस बीच एक खबर यह भी है कि नियमो के विपरीत जाकर सरकार ने इस निजी जू को गुवाहाटी के सरकारी जू से काले तेंदुओं की एक जोड़ी लेकर इजराइल से काली पट्टी वाले जेब्रा आयात करने की  छूट दे दी है जिस पर बवाल मचा हुआ है और वन्य प्रेमियों का कहना है कि जो जू अभी शुरू भी नहीं हुआ है वो जानवरों की खरीद बिक्री कैसे कर सकता है।

खबर यह भी है कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने  रिलायंस के चिड़ियाघर को कई  संकटग्रस्त जीवों को मैक्सिको से खरीदने  की अनुमति दी है जो किसी और को मिलना आसान नहीं था।

बता दें कि इस जू का नाम ग्रीन्स जूलॉजिकल, रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन किंगडम है और नाम में कही रिलायस नहीं है।