दो बच्चो का कानून: महिला पार्षद ने तीसरे बच्चे को अस्वीकार किया

दो बच्चों के कानून के चक्कर में एक महिला पार्षद ने अपने तीसरे बच्चे को अदालत में दूसरे का साबित करने की कोशिश की।

मामला महाराष्ट्र का है जहां सोलापुर की एक महिला पार्षद में इस डर से कि कहीं तीसरे बच्चे के कारण उसको सभासदी से अयोग्य घोषित कर दिया जाए उसने पहले स्थानीय अदालत और फिर सुप्रीम कोर्ट तक में इस बात से इंकार कहने की कोशिश की बात तीसरा बच्चा उसका नहीं किसी और का है।

दरअसल महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में 2001 से ही 2  से ज्यादा बच्चों पर उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित करने का कानून लागू है और सोलापुर परिषद का यह मामला 2017 का है जहां एक महिला पार्षद अनीता मांगर के चुनाव को प्रतिद्वंदी ने यह कहकर चुनौती दी कि तीसरे बच्चे के रूप में वह एक लड़की की मां है।

मामला अदालत में गया तो इस महिला पार्षद ने पहले मुंबई हाई कोर्ट में फिर सुप्रीम कोर्ट में यह साबित करने की कोशिश की कि वह बच्चा उसके परिवार कहीं किसी अन्य सदस्य का है लेकिन हर जगह उसका झूठ पकड़ा गया जबकि इस महिला नेता ने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके बच्ची के जन्म के 8 साल बाद उसका जन्म प्रमाण पत्र भी बदला दिया था।

बहरहाल इस महिला सभासद को अब अयोग्य घोषित किया जा चुका है।