मिलिए दुनिया के सबसे बड़े हैकर से सरकारें और बड़ी कम्पनियां पानी भरती थीं

निसंदेह एक समय में वह दुनिया का सबसे बड़ा हैकर था और आज भी हैकिंग की दुनिया में उसके आसपास कोई नहीं है यही वजह है कि आज वह तमाम बड़ी कंपनियों को साइबर क्राइम से बचने के गुण सिखाने वाली कंपनी चला रहा है।

हैकिंग में उसकी महारत इतनी थी अमेरिका ब्रिटेन जैसे देश और गूगल नोकिया ऐमेज़ॉन जैसी तमाम बड़ी कंपनियां उसे हर महीने करोड़ों की रकम सिर्फ इसलिए देती थी कि वह उन पर मेहरबानी बनाए रखें।

90 के दशक में ब्लैक हैट हैकर के नाम से मशहूर केविन मिटनिक यूरोप का ऐसा मोस्ट वांटेड साइबर अपराधी रह चुका है जिस पर हॉलीवुड की दो फिल्में बन चुकी हैं।

अगस्त 1963 को जन्मे केविन के जैसे खून में हैकिंग थी और इसी महारत के बूटे जब वह कुल 12 साल का था तब भी ट्रेन और बसों में बिना टिकट लिए दूसरों के खातों के बल पर घूमा करता था।

20 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वाकई बड़ी कंपनियों के लिए सिरदर्द बन चुका था और हैकिंग की दुनिया में लगातार अपनी धाक जमा कर जा रहा था यहां तक कि उसने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की साइट भी हैक कर चुका था।

इसके बाद तो उसकी वसूली का सिलसिला शुरू हुआ और सरकारों और बड़ी कंपनियों से उसे हर महीने उनकी साइट हैक न करने की एवज में बाकायदा भुगतान दिया जाने लगा।

ऐसा नहीं है कि 90 क दशक के इस सबसे बड़े साइबर अपराधी को सलाखों के पीछे ना जाना पड़ा हो और केविन को भी कई बार गिरफ्तार करके जेल में डाला गया लेकिन हैकिंग का काम उसने नहीं छोड़ा।

अपनी आधी उम्र पार करने के बाद न जाने किस सोच के तहत उसने नाजायज तरीके से कमाई करने के बजाए अमेरिका में एक कंपनी लॉन्च की जो बड़ी टेक कंपनियों को साइबर अपराधों से बचाव के गुर सिखाती है ।

यह कंपनी वार्ड भी चला रहा है और अच्छी खासी कमाई कर रहा है।